धरा की व्यथा कथा

धरा की व्यथा कथा

आज रो रो धरा कहती अपनी व्यथा।  कहां से वापस लाऊ अपनी कोई सुंदरता।  भू, पृथ्वी धरा, धरती मां मैं कहलाती किंत…

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