निवाई (लालचंद माली): ईआरसीपी परियोजना के लिए भूमि अर्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और संवेदनशील बनाने की दिशा में बुधवार को ग्राम बहड़ में उपखंड अधिकारी गंभीर सिंह की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में परियोजना से प्रभावित काश्तकारों और उनके परिवारों से प्रशासन ने सीधा संवाद कर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और उनके अधिकारों से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। एसडीएम गंभीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ईआरसीपी परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के लिए भूमि अर्जन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सामाजिक समाघात निर्धारण मूल्यांकन के तहत जनसुनवाई आयोजित कर प्रभावित किसानों की राय और सुझाव लिए गए। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की शंकाओं का मौके पर समाधान किया तथा मुआवजा वितरण एवं भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी, ताकि किसी भी काश्तकार को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राहुल उज्जेनिया ने परियोजना की तकनीकी विशेषताओं और क्षेत्र के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं सहायक अभियंता पूनम सोलंकी एवं विवेक वर्मा ने भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया से ग्रामीणों को अवगत कराया। प्रशासक ब्रजमोहन बलाई ने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को प्रशासन के समक्ष रखा।
इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता नितिन कुमावत, ग्राम विकास अधिकारी मोहन लाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, काश्तकार एवं प्रभावित परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे। जनसुनवाई सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें प्रशासन ने परियोजना को जनहित में समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने का भरोसा दिलाया।