बीकानेर (मुकेश रामावत): स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन राजस्थान के आह्वान पर सोमवार को बीकानेर में निजी स्कूल संचालकों ने सरकार के नए आदेशों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट से शुरू होकर यह पैदल मार्च शिक्षा निदेशालय तक पहुंचा।
प्रदेशभर से आए संगठन के पदाधिकारियों ने "शाला सम्मेलन" मोबाइल एप को निजी स्कूलों में लागू करने का विरोध किया। उनका कहना है कि इस एप को पहले सरकारी स्कूलों में लागू किया गया था, जिसके बाद वहां बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा था। अब इसे निजी स्कूलों पर भी थोपने की कोशिश हो रही है।
*शिक्षकों का समय एप में खर्च, पढ़ाई पर असर*
संगठन के नेताओं का आरोप है कि इस एप की वजह से शिक्षकों को अपना मूल काम यानी पढ़ाना छोड़कर हर महीने रिपोर्ट और निरीक्षण संबंधी काम करने पड़ रहे हैं। लगातार जांच के डर से स्कूलों का माहौल भी खराब हो रहा है। हम निरीक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हर महीने होने वाली जांच से शिक्षा प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को सिर्फ बच्चों को पढ़ाने दिया जाए" - संगठन के पदाधिकारियों ने कहा।
*आरटीई बकाया भुगतान सहित कई मांगें रखीं*
प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने सरकार से आरटीई के तहत बकाया भुगतान जल्द करने की मांग भी उठाई, साथ ही निजी स्कूलों से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।