रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): समाज के अनाथ, निराश्रित एवं असहाय बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से स्वामी श्री आत्मानंद सेवा संस्थान, वात्सल्यधाम रानीवाड़ा द्वारा संचालित वात्सल्य चिल्ड्रन्स होम में सीमित रिक्त सीटों पर नवीन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। संस्थान के प्रबंध निदेशक अमृत पुरोहित ने बताया कि आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित, अनाथ और निराश्रित बच्चों को संस्थान में आवास, पौष्टिक भोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, गणवेश, अध्ययन सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएँ तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। संस्थान का उद्देश्य केवल बच्चों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, शिक्षित एवं आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में तैयार करना है।उन्होंने बताया कि संस्थान में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, योग एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें। अमृत पुरोहित ने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, से अपील की कि यदि उनके संज्ञान में कोई अनाथ, निराश्रित या असहाय बालक शिक्षा एवं संरक्षण से वंचित हो, तो उसे संस्थान से जोड़कर उसके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें।उन्होंने बताया कि प्रवेश सीमित सीटों पर ही किए जा रहे हैं। पात्र बच्चों के प्रवेश हेतु इच्छुक अभिभावक अथवा संबंधित व्यक्ति शीघ्र संस्थान से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अनाथ और असहाय बच्चों के सपनों को मिल रहा नया आसरा, वात्सल्य चिल्ड्रन्स होम में निःशुल्क प्रवेश शुरू
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July 03, 2026
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