वर्दी में ‘डमी खेल’ और साधु के भेष में ‘कब्जे का अध्याय’: कानून की फाइल खुली तो निकले कई किरदार*

AYUSH ANTIMA
By -
0



टोंक (लालचंद माली): कहते हैं सच देर से सामने आता है लेकिन जब आता है तो कई चेहरों से पर्दा भी हटाता है। जिले में एक तरफ आरएसी कांस्टेबल भर्ती 2010-11 में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है तो दूसरी ओर साधु के भेष में वन भूमि पर कब्जा और कथित अवैध गतिविधियों के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, एसओजी जांच के बाद 15 साल पुराने भर्ती मामले की फाइलें फिर खुली हैं। जांच में कथित रूप से डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने और उसके आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पुलिस ने संबंधित आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी वर्षों से सेवा में कार्यरत रहा और वेतन भी प्राप्त करता रहा। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी हुई थी तो सिस्टम की निगाहें इतने वर्षों तक क्यों नहीं पहुंचीं। इसी बीच एक अन्य मामले में श्रीराम महाराज पर वन विभाग की भूमि पर मंदिर के नाम पर कथित अतिक्रमण कर निर्माण कराने के आरोप सामने आए हैं। बताया गया है कि पूर्व में हुई जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि भी हुई थी, लेकिन पर्याप्त जाप्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण विभाग कार्रवाई पूरी नहीं कर पाया। वन विभाग के रेंजर धारी लाल बैरवा ने बताया कि जाप्ता उपलब्ध होते ही विभागीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि साधु के भेष की आड़ में अन्य गतिविधियों की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिससे कई विभागों के अधिकारियों को प्रशासनिक स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब सवाल यह है कि क्या व्यवस्था की आंखों पर वर्षों से बंधी पट्टी अब पूरी तरह हटेगी, या फिर फाइलों में दबे सच यूं ही समय के इंतजार में पड़े रहेंगे। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई नई परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।
Tags:

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!