झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): सीएमएचओ डॉ.छोटेलाल गुर्जर ने मंगलवार को जिले के सभी बीसीएमओ की समीक्षा बैठक लेकर उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एचआरपी महिलाओं की पहचान से लेकर सुरक्षित प्रसव तथा उन्हें 'एस-कोट' उपलब्ध कराने तक की जिम्मेदारी संबंधित सेक्टर प्रभारी की होगी। इस कार्य के लिए प्रत्येक ब्लॉक में कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएमएचओ डॉ.गुर्जर ने कहा कि एचआरपी प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ.गुर्जर ने कहा कि मानसून को देखते हुए सभी बीसीएमओ को अपने-अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों की छतों की तत्काल सफाई करवाने तथा सभी भवनों का तकनीकी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। जिन भवनों को क्षतिग्रस्त अथवा असुरक्षित पाया जाए, उन्हें तुरंत खाली कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भवन के गिरने से जान-माल की हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित बीसीएमओ की होगी। सीएमएचओ ने सभी बीसीएमओ को नियमित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करने तथा ओडीके ऐप में प्रतिदिन सही एवं समय पर प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने पर भी जोर दिया। बैठक में लाडो योजना की लंबित पात्रताओं का शीघ्र निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त अंगदान जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने तथा उनसे ऑनलाइन संकल्प-पत्र भरवाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सीएमएचओ डॉ.छोटेलाल गुर्जर, आरसीएचओ डॉ.दयानंद सिंह सभी बीसीएमओ मौजूद रहे।
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