झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): सनातन धर्म की समृद्ध परंपरा और अगाध आस्था का प्रतीक, जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष पहली बार झुंझुनूं शहर में ऐतिहासिक रूप से आयोजित होने जा रही है। इस्कॉन (राधा मदन गोपाल गोरहरी मंदिर व सांस्कृतिक केंद्र) के तत्वावधान में आगामी 25 जुलाई 2026, शनिवार (देवशयनी एकादशी) को भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा एवं सुदर्शन चक्र के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस भव्य आयोजन को सफल और गरिमामय बनाने के लिए मुख्य सेवक कोसलपति दास, व्यवस्थापक डॉ.नवीन कांतिदास प्रभु, सह-व्यवस्थापक राधा मदन मोहन दास, मधुसूदन दास (हरिभक्त) सहित समस्त हरिभक्त जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं। हरिभक्त घर-घर जाकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं। हाइड्रॉलिक रथ और प्रतिमाएं झुंझुनूं में रथ न होने के कारण नीमकाथाना स्थित इस्कॉन सेंटर से 16 से 18 फीट ऊंचे, 16 फीट लंबे और 8 फीट चौड़े दो हाइड्रॉलिक लकड़ी के रथ तथा भगवान की प्रतिमाएं विशेष रूप से मंगवाई जा रही हैं। शहर में पहली बार रथयात्रा के पूरे मार्ग पर रथों के आगे पारंपरिक रूप से स्वर्ण झाड़ू (छेरा पहरा रस्म) लगाई जाएगी। दोनों रथों को खींचने के लिए 80-80 फीट लंबे मोटे रस्से बांधे जाएंगे, जिन्हें पकड़कर श्रद्धालु स्वयं रथ को खींचेंगे।
*रथ यात्रा का समयबद्ध कार्यक्रम*
अपराह्न 3 बजे: केशव आदर्श विद्या मंदिर परिसर में भगवान को छप्पन भोग का भव्य अर्पण, अपराह्न 3:15 बजे: विग्रहों की पारंपरिक एवं भव्य पहण्डी विजय रस्म, अपराह्न 3:30 बजे: भगवान जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा जी और सुदर्शन चक्र का रथारूढ़ होना, अपराह्न 3:48 बजे: रथारूढ़ भगवान की प्रथम भव्य महाआरती, सायं 4 बजे: शंखनाद, हरिनाम संकीर्तन और मनमोहक झांकियों के साथ रथयात्रा का विधिवत प्रारंभ, रात्रि 8:30 - 8:45 बजे: शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यात्रा का गांधी चौक पर समापन एवं अंतिम महाआरती व रात्रि 9 बजे: सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद (खिचड़ी) का वितरण। यात्रा इंदिरा नगर स्थित केशव आदर्श विद्या मंदिर से प्रारंभ होकर निम्नलिखित मार्गों से गुजरेगी, जहाँ जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं एवं मातृशक्ति से सपरिवार इस पावन रथयात्रा में भाग लेकर पुण्य लाभ कमाने का आह्वान किया है।