निवाई (लालचंद माली): डॉ.केएन मोदी विश्वविद्यालय के विधि संकाय की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रजवास में आयोजित विधिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और संवैधानिक अधिकारों का सशक्त संदेश दिया। महिलाओं के अधिकार, भ्रूण हत्या और वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे ज्वलंत विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों ने ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डॉ.एनके अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं डीन एकेडमिक्स डॉ.हरवीर सिंह के निर्देशन में किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदाय को महत्वपूर्ण सामाजिक और विधिक विषयों के प्रति जागरूक करना था। बीए-एलएलबी पंचम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने अपने जीवंत अभिनय और दमदार संवादों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार किया। नाटकों में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।
समापन समारोह में विधि संकाय की विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.संतोष शर्मा ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के साथ-साथ समाज में विधिक जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक भरत शर्मा ने किया, जबकि समन्वय की जिम्मेदारी डॉ.सुरभि दुबेला ने निभाई। नुक्कड़ नाटकों के निर्देशन एवं सफल मंचन में डॉ.दामिनी सक्सेना और डॉ.दिनेश बैरवा की विशेष भूमिका रही। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामलाल मीणा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों और ग्रामीण समाज में विधिक एवं सामाजिक चेतना विकसित करने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य रामधन मीणा, व्याख्याता प्रियंका, कार्यवाहक प्रधानाचार्य रमेश कुमार जाट, व्याख्याता राजंती सहित विद्यालय का समस्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा।