जयपुर (मनोज शर्मा): विश्व शांति की स्थापना के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत सामाजिक संगठन अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह बात नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं मंच के संरक्षक न्यायमूर्ति परमानन्द झा ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में कही। इस अवसर पर उन्होंने विश्व के 25 देशों में मंच की कार्ययोजना का संचालन कर रहे पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच के संस्थापक विश्व रत्न स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद टोरड़ी की कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए मंच के अन्तर्राष्ट्रीय सयोजक एडवोकेट कुलदीप प्रसाद शर्मा को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके एक वर्ष के सफल कार्यकाल पर प्रसन्नता व्यक्त की। अपने उद्बोधन में न्यायमूर्ति परमानन्द झा ने कहा कि विश्व रत्न स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद टोरड़ी के हमारे बीच न रहने से उन्हें अत्यंत दुःख पहुँचा था। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच को जिस ऊँचाई तक पहुँचाया, उसकी कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने विश्व के 25 देशों में "वसुधैव कुटुम्बकम्", "ग्लोबल विलेज" तथा "सत्यम् शिवम् सुन्दरम्" की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए विश्व शांति की स्थापना में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज उनके पुत्र एडवोकेट कुलदीप प्रसाद शर्मा उनके आदर्शों एवं विचारों का अनुसरण करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनका एक वर्ष का कार्यकाल अत्यंत सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। न्यायमूर्ति झा ने उन्हें वैश्विक स्तर पर मंच को और अधिक सशक्त बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
एडवोकेट कुलदीप प्रसाद शर्मा ने बताया कि महामहिम न्यायमूर्ति परमानन्द झा ने उनकी कार्ययोजना से संतुष्ट होकर उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने हेतु अपना आशीर्वाद प्रदान किया है। साथ ही उन्होंने अपने विशिष्ट सलाहकार के रूप में उनका मनोनयन कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि विशिष्ट सलाहकार कार्यालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित ग्लोबल एम्बेसडर के रूप में डॉ.कुलदीप शर्मा अजमेर, जगन्नाथ प्रसाद डागलिया राजसमंद, डॉ.ओम प्रकाश शर्मा जयपुर, रणवीर सिंह यादव गुरूग्राम एवं मूल सिंह नाथावत जयपुर के नामों पर भी अपनी सहमति प्रदान की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम के सहयोग से संगठन की कार्ययोजनाओं को और अधिक गति एवं प्रभावशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा तथा विश्व बंधुत्व, मानव एकता और वैश्विक समरसता के उद्देश्य को साकार करने के लिए संगठन निरंतर कार्य करता रहेगा।