कोटपूतली (ईशाक खान): देश भर में नीट पेपर लीक के खिलाफ गांव-गांव शहर-शहर गूंजी एक ही आवाज शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो का नारा रंग लाया। देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के बुलंद संघर्ष के आगे झुकते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस ऐतिहासिक फैसले की खबर मिलते ही देश के कोने-कोने में छात्रों व युवा शक्ति की जीत का जश्न शुरू हो गया। इस ऐतिहासिक और युगांतरकारी जीत की खुशी रही। जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों युवा एकत्रित हुए तो पूरा माहौल भारत माता की जय और युवा शक्ति जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। यह सिर्फ पटाखों की गूंज नहीं, बल्कि...आंदोलनकारियों ने भावुक होते हुए कहा कि आज जो पटाखे कोटपूतली की सड़कों पर फूटे हैं, वे सिर्फ पटाखे नहीं हैं, बल्कि यह उस बेबस छात्र की चीख और संतोष है, जो अपने सुनहरे भविष्य के लिए रात-रात भर जागकर पढ़ता रहा। यह उस गरीब किसान पिता के आंसुओं का जवाब है, जिसने अपने बेटे को पढ़ाने के लिए अपना इकलौता खेत तक बेच दिया था। यह उस लाडली बेटी के सपनों की उड़ान है, जो तमाम मुश्किलों के बाद भी डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती थी।
*जीत अभी अधूरी है, लड़ाई अभी बाकी है*
जश्न और उत्साह के बीच युवाओं ने साफ कर दिया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो महज शुरुआत है, असली न्याय मिलना अभी बाकी है। युवाओं ने सरकार के सामने अपनी 03 मुख्य मांगें बेहद दोटूक शब्दों में रखी हैं। जिनमें आंदोलन के दौरान देश के जिन भी निर्दोष छात्रों पर पुलिस प्रशासन द्वारा दुर्भावनापूर्ण और फर्जी मुकदमे लादे गए हैं, उन्हें बिना किसी शर्त के तुरंत वापस लिया जाए। देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले क्रूर और भ्रष्ट पेपर लीक माफियाओं के लिए कानून में ’फांसी जैसी कठोर सजा’ का प्रावधान किया जाए। आने वाले समय में देश की किसी भी भर्ती या प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक को पूरी तरह रोकने के लिए संसद में एक बेहद सख्त और फुलप्रूफ कानून पास किया जाए। युवा शक्ति ने कहा है कि एक इस्तीफे से देश का युवा शांत बैठने वाला नहीं है। जब तक देश के आखिरी छात्र को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, हमारा यह संघर्ष और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
*गवाह बना इतिहास*
जब युवा जागता है, तो तख्त भी हिलते हैं, आज 25 जुलाई की तारीख ने इतिहास के पन्नों पर दर्ज होकर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता और युवा शक्ति से बड़ा कोई नहीं है। यह जीत केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के हर उस जागरूक नागरिक की है जिसने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। इस दौरान जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, पूर्व विधायक रामस्वरूप कसाना, हर्ष यादव, मंजू गुर्जर, रामनिवास यादव, एडवोकेट बजरंग शर्मा, प्रकाश सैनी, संतोष गुर्जर सरपंच, सुनील रावत, राजपाल गुर्जर, संजय मेहरड़ा, संजू पूतली, विकास यादव, सोनू जांगिड़, रमेश ठेकेदार, आशीष आर्य, रोहित जांगिड़, अवधेश मीणा, प्रशांत आर्य सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी।