रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): किलवा स्थित पावन तपोभूमि वीर शिरोमणि रूपाजी धाम में महंत रत्नगिरि जी महाराज के चातुर्मास प्रवेश महोत्सव के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और जनआस्था का विराट संगम देखने को मिला। संत-महात्माओं के सान्निध्य में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। महंत रत्नगिरि जी महाराज का श्री वेराई कॉलेज, किलवा के समीप पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद गाजे-बाजे और जयघोष के साथ निकली विशाल शोभायात्रा किलवा गांव पहुंची। महंत श्री ने श्री वेराई माताजी आद्य शक्ति पीठ के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। वीर शिरोमणि रूपाजी धाम पहुंचने पर 151 कन्याओं ने सामेला कर उनका अभिनंदन किया तथा पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। अपने आशीर्वचन में महंत रत्नगिरि जी महाराज ने कहा कि लगभग 888 वर्ष पूर्व किलवा की इस पावन भूमि पर जन्मे वीर शिरोमणि रूपाजी ने सामाजिक समरसता, एकता और नारी सम्मान का अद्वितीय संदेश दिया। उन्होंने तत्कालीन कुप्रथाओं का विरोध करते हुए 1600 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराकर उसका समस्त व्यय स्वयं वहन किया, जो सेवा, त्याग और लोककल्याण की अनुपम मिसाल है। सांचोर विधायक जीवाराम चौधरी ने कहा कि संसाधनों के अभाव के समय रूपाजी द्वारा सर्वसमाज की कन्याओं का सामूहिक विवाह कराना उनके दूरदर्शी और लोकहितैषी व्यक्तित्व का परिचायक है। पूर्व सांसद देवजी एम. पटेल ने आयोजन को समाज की एकता, सेवा भावना और सामूहिक सहयोग का परिणाम बताते हुए सभी संतों, भामाशाहों, ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट अध्यक्ष गोमाराम धमाणा ने बताया कि चातुर्मास के दौरान आगामी 121 दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने तथा आयोजन में सहयोग देने का आह्वान किया। इस अवसर पर महंत भरतनाथ जी महाराज (कमालपुरा), महंत देवाराम जी महाराज (सरवाना), महंत शिवपुरी जी महाराज (नैनावा), महंत रूपा भारती जी महाराज (गोलासन), साध्वी सीता गिरीजी (सांकड़), साध्वी पूजाबाई सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, समाजबंधु एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वीर शिरोमणि रूपाजी धाम किलवा में चातुर्मास प्रवेश महोत्सव, उमड़ा जनसैलाब
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July 24, 2026
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