नीमराना: उपखंड क्षेत्र के जौनायचा खुर्द गांव में लंबे समय से चली आ रही विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उस समय सामने आया, जब उन्होंने पंचायत भवन परिसर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले करीब ढाई वर्षों से गांव में बार-बार बिजली कटौती, लो वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण आमजन और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान सरपंच अजीत सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक बिजली समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक ग्रामीण सेवा शिविर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, शिविर में विभिन्न विभागों से पहुंचे अधिकारी एवं कर्मचारी लोगों के आने का इंतजार करते रहे। स्थिति को देखते हुए सूचना पर घीलोठ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था बनाए रखी। ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सरपंच और ग्रामीणों के साथ विस्तृत वार्ता कर उनकी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि गांव में विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, कुछ कार्य सात दिनों के भीतर शुरू कर दिए जाएंगे, जबकि बड़े तकनीकी कार्यों को अधिकतम 20 दिनों के भीतर पूरा कर बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाएगा। बिजली विभाग के अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान कर ग्रामीणों को बेहतर और नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया और ग्रामीण सेवा शिविर का संचालन शुरू कराया। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग अपने वादे के अनुसार सात से बीस दिनों के भीतर बिजली समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो वे पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।