रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): नगर में बोहरा परिवार द्वारा आयोजित निशुल्क स्कूटी प्रशिक्षण शिविर में बालिकाओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। बड़ी संख्या में छात्राएं और युवतियां आत्मनिर्भर बनने तथा सुरक्षित वाहन चलाना सीखने के उद्देश्य से शिविर में भाग ले रही हैं। उप सरपंच अलका बोहरा ने बताया कि रानीवाड़ा में महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए यह केम्प चलाए जा रहे है जिसमे ट्रेनर दक्षा बोहरा और ममता सोलंकी ने बताया कि वर्तमान कैंप में करीब 20 महिलाएं और बालिका स्कूटी सीख रही है
शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा स्कूटी संचालन की बारीकियों के साथ-साथ यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और हेलमेट पहनने के महत्व की भी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संतुलित तरीके से स्कूटी चलाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है। गत 3 वर्षों से ग्राम विकास अधिकारी भाना राम बोहरा परिवार द्वारा करीब 300 बालिकाएं पूर्व में स्कूटी सीख चुकी है। बोहरा परिवार के सदस्य और रानीवाड़ा कला की वर्तमान उप सरपंच अलका बोहरा ने बताया कि रानीवाड़ा में महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए यह कैंप चलाए जा रहे हैं, जिसमें ट्रेनर बालिकाओं द्वारा स्कूटी सिखाई जाती है किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। बोहरा परिवार की इस सामाजिक पहल की नगरवासियों ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निशुल्क प्रशिक्षण शिविर बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। शिविर में भाग लेने वाली बालिकाओं ने बताया कि अब वे बिना किसी झिझक के स्कूटी चलाना सीख रही हैं और भविष्य में शिक्षा, रोजगार तथा दैनिक कार्यों के लिए यह प्रशिक्षण उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक बालिकाओं को सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन चालक बनाना है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास मानी जा रही है।