निवाई (लालचंद माली): सावन माह में देवधाम जोधपुरिया में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक पर्यटन को देखते हुए एसडीआरएफ ई कंपनी की रेस्क्यू टीम ई-3 ने व्यापक सुरक्षा अभियान चलाते हुए बोट चालकों एवं ग्रामीणों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और प्राथमिक रेस्क्यू का प्रशिक्षण दिया। टीम ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान एसडीआरएफ अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक यात्री को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी भी व्यक्ति को बोट में बैठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही बोट की निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। रेस्क्यू टीम ने बताया कि तेज हवा, ऊंची लहरों या खराब मौसम की स्थिति में बोट संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए तथा मौसम सामान्य होने के बाद ही बोटिंग शुरू की जाए। बोट संचालकों से यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की गई। प्रशिक्षण के दौरान डूबते व्यक्ति के सुरक्षित रेस्क्यू का लाइव डेमो भी दिया गया। टीम ने लाइफ बॉय, रस्सी और बांस की सहायता से पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया समझाई। इसके साथ ही गंभीर स्थिति में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने की विधि और उसके महत्व की भी जानकारी दी गई। एसडीआरएफ टीम ने बोट चालकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, उपलब्ध रेस्क्यू उपकरणों का सही उपयोग करने तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल एसडीआरएफ और प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए। टीम ने सभी बोट संचालकों से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। इस दौरान एसडीआरएफ टीम के हेड कांस्टेबल शिवराज तथा कांस्टेबल कैलाश चौहान, रामअवतार, रतन सिंह, सुरेश कुमार, हंसराज, जितेंद्र और दशरथ सहित कई कार्मिक मौजूद रहे।
सावन में सुरक्षा का सख्त पहरा: देवधाम जोधपुरिया में एसडीआरएफ ने बोट चालकों को दिया रेस्क्यू प्रशिक्षण
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July 21, 2026
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