निवाई (लालचंद माली): सरकारी योजनाएं गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के दावे जामडोली ग्राम पंचायत में खोखले नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां वर्षों से सरकारी योजनाओं पर अपात्र और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों का कब्जा है, जबकि वास्तविक गरीब आज भी अपने हक के लिए दर-दर भटक रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जिन परिवारों के सदस्य सरकारी नौकरी कर चुके हैं, फैक्ट्रियों और कंपनियों से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, पक्के मकानों में रह रहे हैं, वे भी बीपीएल सूची में शामिल होकर प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरी ओर ऐसे अनेक जरूरतमंद परिवार हैं, जो वास्तव में बीपीएल सूची में शामिल होने के पात्र हैं, लेकिन उन्हें आज तक किसी योजना का लाभ नहीं मिल पाया। उनका आरोप है कि पिछले करीब दस वर्षों से ग्राम पंचायत में बीपीएल चयन प्रक्रिया में भारी धांधली होती रही और प्रभावशाली लोगों को नियमों के विपरीत लाभ दिलाया गया, जबकि गरीबों का हक छीन लिया गया। ग्रामीणों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर जिला कलेक्टर टीना डाबी से पूरे गांव की बीपीएल सूची का नए सिरे से निष्पक्ष सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन अपात्र लोगों ने वर्षों तक सरकारी योजनाओं का लाभ लिया है, उनसे सरकारी राशि की वसूली कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक पात्र परिवारों को तत्काल बीपीएल सूची में शामिल कर योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो गरीबों के अधिकारों का यह खुला खेल इसी तरह चलता रहेगा और सरकारी योजनाएं जरूरतमंदों के बजाय रसूखदारों की झोली भरती रहेंगी।
*गरीब कतार में, अमीर बीपीएल में! जामडोली में योजनाओं की 'लूट', पात्रों का हक निगल रहे अपात्र
By -
July 10, 2026
0
Tags: