बहरोड़: जिला कोटपूतली बहरोड़ सरकार एक तरफ "स्कूल चलो" अभियान चला रही है, दूसरी तरफ बहरोड़ की इंदिरा कॉलोनी स्थित राजकीय विद्यालय के मुख्य द्वार पर जमा गंदा पानी बच्चों की शिक्षा में सबसे बड़ी बाधा बन गया है।
बारिश और कॉलोनी का गंदा पानी स्कूल के गेट तक भर गया है। स्कूल की दीवार से सटा जोहड़ भी ओवरफ्लो हो जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राओं को गंदे और बदबूदार पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
*बच्चे और अभिभावक बेहाल*
जलभराव के कारण छोटे बच्चों के कपड़े और किताबें रोज खराब हो रही हैं। फिसलन और कीचड़ के कारण गिरकर चोटिल होने का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि मजबूरी में कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं जा पा रहे। गंदे पानी में मच्छर और बीमारियों का डर है। अगर कोई बच्चा बीमार पड़ गया तो जिम्मेदार कौन होगा।
*जिम्मेदार मौन, समस्या जस की तस*
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है और जोहड़ की सफाई भी नहीं की गई। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन और नगर पालिका ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
*मांग: तुरंत निकासी और वैकल्पिक रास्ता*
अभिभावकों और वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत पानी की निकासी कराई जाए, जोहड़ की सफाई और मरम्मत हो। स्कूल तक आने-जाने के लिए वैकल्पिक पक्का रास्ता बनाया जाए।
अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो अभिभावकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि पढ़ाई से पहले बच्चों की सुरक्षा जरूरी है।