विराट नगर (राहुल शर्मा): पुलिस थाने में प्रवेश कर गई। थाने के अंदर और परिसर में जलभराव की तस्वीरें सामने आने के बाद सिस्टम की लापरवाही उजागर हो गई है।
तस्वीरें खुद ही बहुत कुछ कह रही हैं। फर्श पर जमा गंदा पानी, कीचड़ और नमी के बीच पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने को मजबूर होना पड़ रहा है। फाइलें, रिकॉर्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज भी खराब होने के कगार पर हैं।
*जब रक्षक का घर ही असुरक्षित*
यदि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस थाने की यह हालत है, तो आम नागरिकों की परेशानी का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां शिकायत लेकर लोग जाते हैं, वहीं अगर पानी भर रहा है तो फिर आमजन कहां जायें, बरसात में तो थाने में खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता हैं।
*रिकॉर्ड और जांच प्रभावित*
जलभराव के कारण न सिर्फ पुलिसकर्मियों की आवाजाही बाधित हो रही है, बल्कि थाने में आने वाले फरियादियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के उपकरणों और जरूरी दस्तावेजों के खराब होने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। नागरिकों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि थाने में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए और परिसर की मरम्मत करवाई जाए, ताकि पुलिसकर्मी और आमजन दोनों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि तस्वीरों के सामने आने के बाद जिम्मेदार कब नींद से जागते हैं और ठोस कदम उठाते हैं।