भक्ति की बही अविरल धारा, आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के मंगल प्रवेश में उमड़ा जन सैलाब

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद माली): सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में भारत गौरव आर्यिका गणिनी विज्ञाश्री माताजी ससंघ का बुधवार को निवाई में भव्य एवं श्रद्धामय मंगल प्रवेश हुआ। झिलाय से पद विहार करते हुए पहुंचीं माताजी के स्वागत में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद पक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पूरा वातावरण धर्ममय एवं भक्तिमय हो उठा। अग्रवाल युवा परिषद के अध्यक्ष सुनील भाणजा एवं हितेश छाबड़ा ने बताया कि माताजी के वर्धमान एंटरप्राइजेज पहुंचने पर महावीर पराणा, महेन्द्र चंवरिया, नवरत्न टोंग्या, जितेन्द्र झिलाय, महेन्द्र कठमाणा, सुनील भाणजा, हितेश छाबड़ा, बंटी झांझरी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने विधिवत पाद पक्षालन कर भव्य अगवानी की। इसके बाद मंगल जुलूस महेन्द्र मण्डावर के निवास पहुंचा, जहां भी श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से पाद पक्षालन किया। तत्पश्चात जुलूस श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर पहुंचा, जहां मंदिर समिति ने माताजी का भावपूर्ण स्वागत एवं पाद पक्षालन किया। मंगल प्रवेश के उपरांत माताजी के सान्निध्य में भगवान शांतिनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। अपने मंगलमय प्रवचन में आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने कहा कि जीव के संसार परिभ्रमण का मूल कारण मोह है। मोहनीय कर्म ही जीव को जन्म-मरण के चक्र में भटकाता है। जब मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप, मूलधर्म और आत्मस्वभाव को पहचान लेता है तथा पर पदार्थों से मोह त्याग देता है, तभी वह मोक्ष का अधिकारी बनता है। उन्होंने कहा कि आत्मचिंतन, संयम और वैराग्य ही जीवन को सार्थक बनाते हैं तथा आत्मा की पहचान ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। इस अवसर पर प्रिंस रजवास, मयंक छाबड़ा, किशु पदमपुरा, विमल सोगाणी, विजय टोंग्या, विमल बगड़ी, पीसी जैन, पिंकी कठमाणा, मीनाक्षी भाणजा, शकुन्तला छाबड़ा, अनिता रामनगर, रेखा गौधा, शशी लुहारा, विजया टोंग्या, यामिनी छाबड़ा, नेहा पराणा, सीमा प्रेस सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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