आजाद चौक में अमर शहीद व क्रांतिकारी पं. चन्द्रशेखर आजाद की मूर्ति लगवाये जाने की मांग

AYUSH ANTIMA
By -
0


कोटपूतली (ईशाक खान): देश की आजादी के लिये अपने प्राणों को न्यौछावर कर देने वाले अमर शहीद, स्वतंत्रता सेनानी व महान क्रांतिकारी पं.चन्द्रशेखर आजाद की आदमकद प्रतिमा कस्बे के ऐतिहासिक आजाद चौक में लगवाये जाने की मांग जोर पकड़ती हुई नजर आ रही है। इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने समाजसेवी रतन लाल शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को नगर परिषद आयुक्त अरूण कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वर्ष 1930 में महान स्वतंत्रता सेनानी पं.चन्द्रशेखर आजाद भेष बदलकर एक संत के वेश में तत्कालीन गंगा चौक में एक धार्मिक कार्यक्रम रूपी सभा को सम्बोधित करने कोटपूतली आये थे। उन्होंने देश के युवाओं को आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में इस स्थान का नाम ’आजाद चौक’ रखा गया, जो आज भी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है और पूरे क्षेत्र में इसी नाम से प्रसिद्ध है। पिछले कई वर्षों से इस ऐतिहासिक चौक पर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की जा रही हैं। समय-समय पर शासन-प्रशासन को इसके लिए ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। आजाद चौक पर प्रतिमा लगाना केवल एक स्मारक का निर्माण नहीं होगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों और युवाओं को राष्ट्रसेवा, देशभक्ति, न्याय, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देगा। समाजसेवी रतन लाल शर्मा ने कहा कि देश की आजादी के लिये अपने प्राणों को बलिदान कर देने वाले क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों व अमर हुतात्माओं का स्मरण बेहद आवश्यक है। ताकि युवा पीढ़ी व आने वाली पीढ़ी को उनके त्याग व बलिदान से प्रेरणा मिलती रहे। आजाद देश की आजादी के संकल्प के साथ जीवन के अन्तिम समय तक आजाद कहलायें। इसी नारे के साथ उन्होंने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। जिसके लिये वे सदैव याद किये जाते रहेगें। चन्द्रशेखर आजाद का सम्बंध कोटपूतली से होना हमारे क्षेत्र के लिये बेहद गौरव का विषय है। स्वतंत्रता आन्दोलन में आजाद यहां आये थे, यह जानना नई पीढ़ी के लिये बेहद आवश्यक है। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सदैव स्मरण रखना एवं नई पीढ़ी तक पहुँचाकर राष्ट्रीय मूल्यों का संरक्षण करना भी बेहद जरूरी है। ताकि आने वाली पीढ़ियों को त्याग, बलिदान व राष्ट्र प्रेम की प्रेरणा मिल सकें। इस दौरान भाजपा नेता शंकर लाल कसाना, भाजपा जिला महामंत्री एड. सुरेन्द्र चौधरी, पूर्व पार्षद रामचंद्र सैनी, शंभू लाल, शिव कुमार, प्रवीण शर्मा, उमेश आर्य, संदीप शर्मा, बाबूलाल चौधरी, मुनेश सैनी, मनोज कुमार सैनी, सरजीत, समेत अन्य मौजूद रहें। 

*ऐतिहासिक महत्व का प्रतीक हैं आजाद चौक*

कस्बे के आजाद चौक में स्वतंत्रता नायक चन्द्रशेखर आजाद की मूर्ति लगवाये जाने की मांग पिछले काफी समय से की जा रही है। वर्ष 2023 में ऐतिहासिक आजाद चौक का चौड़ाईकरण किया गया था। जिसके बाद तत्कालीन गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने आजाद चौक में आजाद की मूर्ति लगवाये जाने की घोषणा की थी। पूर्व में भी समाजसेवी रतन लाल शर्मा समेत विभिन्न संगठनों द्वारा ज्ञापन सौंपकर आजाद की मूर्ति यहाँ लगवाये जाने की मांग की जाती रही है। किवंदती हैं कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वर्ष 1930 में महान स्वतंत्रता सेनानी पं. चन्द्रशेखर आजाद भेष बदलकर एक संत के वेष में तत्कालीन गंगा चौक में एक धार्मिक कार्यक्रम रूपी सभा को सम्बोधित करने कोटपूतली आये थे। जिसकी भनक ब्रिटिश पुलिस को लगने पर वे पहले ही यहां से चकमा देकर निकल गये। जिसके बाद यह स्थान गंगा चौक से आजाद चौक के रूप में प्रसिद्ध हो गया। विगत 100 वर्षो से ज्यादा समय से आजाद चौक कोटपूतली की राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक व पुलिस प्रशासनिक की गतिविधियों का केन्द्र रहा हैं। इसी आजाद चौक में युग पुरूष स्वामी विवेकानन्द समेत देश के गृह मंत्री रहे बाबू जगजीवनराम, पूर्व मुख्यमंत्री मोहन लाल सुखाड़िय़ा व पं. हरिदेव जोशी समेत अनेक विभूतियों के आने का उल्लेख मिलता है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!