निवाई (लालचंद माली): जामडोली गांव से नोहटा मोड़ के बीच सड़क अब हादसों का केंद्र बनती जा रही है। घुमावदार मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड नहीं होने और सुरक्षा इंतजामों के अभाव में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। शनिवार को निवाई से बोली की ओर जा रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे जा गिरा। हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए निवाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि इस बार कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लगातार हो रहे हादसे बड़े खतरे की चेतावनी दे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी स्थान पर चार दिन पहले भी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसके बावजूद विभाग की ओर से न तो कोई सुरक्षा उपाय किए गए और न ही हादसों को रोकने के लिए गंभीरता दिखाई गई।
ग्रामीण डीआर कानाराम मीणा ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद मौके की स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया के आसपास सुरक्षा दीवार बनाई जाए, सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए तथा दोनों ओर चेतावनी और सूचना बोर्ड लगाए जाएं। यह मार्ग निवाई से बोली को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, ग्रामीण और सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों और राहगीरों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है।