निवाई (लालचंद माली): 'शाला संबल ऐप' के माध्यम से प्रस्तावित जांच प्रक्रिया के विरोध में निवाई के निजी एवं गैर-सरकारी विद्यालय संचालक खुलकर सामने आ गए हैं। स्कूल शिक्षा परिवार, निवाई-टोंक के बैनर तले संचालकों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि जांच के नाम पर निजी विद्यालयों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। ज्ञापन में विद्यालय संचालकों ने कहा कि वर्तमान जांच प्रक्रिया पूरी तरह अव्यावहारिक है और इससे विद्यालयों के नियमित संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है। उनका कहना था कि बार-बार की जांच और प्रशासनिक दबाव के कारण शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन पर मानसिक बोझ बढ़ रहा है, जबकि निजी विद्यालय हमेशा विद्यार्थियों के हित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। संचालकों ने सरकार से आरटीई प्रतिपूर्ति राशि का समय पर भुगतान, पाठ्यपुस्तक वितरण राशि का पुनर्निर्धारण, आरटीई विद्यार्थियों के लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण तथा आरटीई से जुड़ी सभी लंबित प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष शिवदयाल गुर्जर, विष्णु दत्त शर्मा, ब्रज सुंदर शर्मा, दुर्गेश जायसवाल, दयाशंकर गुर्जर, रामेश्वर जांगिड़, ललित किशोर, कमलेश जाट, गिर्राज, शिवराज चौधरी सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालयों के संचालक एवं शिक्षक मौजूद रहे। संचालकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
शाला संबल ऐप' पर भड़के निजी स्कूल संचालक, बोले— जांच नहीं, उत्पीड़न बंद करो; आंदोलन की चेतावनी
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July 24, 2026
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