शाहजहांपुर: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटपूतली-बहरोड़ के निर्देशानुसार 15 जुलाई 2026 को शाहजहांपुर के एक निजी विद्यालय में नालसा (मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण के शिकार पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं) योजना-2015 के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) सुनील कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इस योजना का उद्देश्य मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण की शिकार महिलाओं और बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता, पुनर्वास, मुआवजा तथा समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान एवं विभिन्न कानूनों के तहत महिलाओं को अनेक महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं। इनमें समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से सुरक्षा, शिकायत दर्ज कराने का अधिकार तथा प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के गठन का प्रावधान शामिल है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नालसा योजना के अंतर्गत पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, मुआवजा, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, परामर्श एवं पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही मानव तस्करी और यौन शोषण जैसे अपराधों की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस को सूचना देने और कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना, मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनाना रहा।
*नालसा योजना पर जागरूकता शिविर, मानव तस्करी व यौन शोषण के पीड़ितों के अधिकारों की दी जानकारी
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July 15, 2026
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