निवाई (लालचंद माली): सिकोईडिकोन संस्था ने राजस्थानी महिला सहकारी सेवा समिति से किसी भी प्रकार के संबंध होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संस्था की छवि खराब करने की साजिश बताया है। संस्था की सचिव मंजूबाला जोशी ने स्पष्ट कहा कि कुछ मीडिया माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना तथ्यात्मक जानकारी के संस्था का नाम सहकारी समिति प्रकरण से जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि चाकसू उपखंड के शीलकी डूंगरी स्थित सिकोईडिकोन संस्था का संबंधित राजस्थानी महिला सहकारी सेवा समिति से किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। जुलाई 2021 के बाद से संस्था का समिति के साथ न तो कोई वित्तीय लेनदेन रहा है और न ही कोई प्रशासनिक संबंध। मंजूबाला जोशी ने कहा कि संस्था के नाम और बैनर का उपयोग कर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जबकि सहकारी समिति से जुड़े विवाद में संस्था को जोड़ना पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार है। उन्होंने कहा कि संस्था ने स्वयं सहकारिता मंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो तथा पीड़ित निवेशकों को उनकी जमा पूंजी वापस दिलाई जाए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले संस्था का नाम विवाद में घसीटना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि संबंधित सहकारी समिति सिकोईडिकोन संस्था परिसर में संचालित होती है, जबकि वास्तविकता यह है कि समिति का कार्यालय संस्था परिसर में नहीं, बल्कि उसके निकट स्थित एक अलग भवन में संचालित होता था। ऐसे में संस्था और समिति को एक ही मानना पूरी तरह तथ्यात्मक रूप से गलत है। संस्था ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि किसी भी प्रकार की सूचना प्रसारित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन करें, ताकि किसी सामाजिक संस्था की छवि अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
नाम घसीटना बंद करो: सहकारी समिति विवाद से हमारा कोई लेना-देना नहीं—सिकोईडिकोन संस्था का तीखा जवाब
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July 18, 2026
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