रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पिछले 48 घंटों के दौरान रानीवाड़ा, चितलवाना, बागोड़ा सहित आसपास के गांवों में 10 से 15 एमएम वर्षा होने से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। इसके साथ ही किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेज कर दिया है। ट्रैक्टर, सीड ड्रिल और पारंपरिक कृषि उपकरणों के साथ किसान सुबह से ही खेतों में जुटे नजर आ रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र में मुख्य रूप से बाजरा, मूंग, मोठ, तिल और ग्वार की बुवाई की जा रही है। कम वर्षा वाले इलाके होने के कारण किसान बाजरा और मूंग की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई बारिश के चलते इस बार खरीफ बुवाई का रकबा गत वर्ष की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
इधर, रानीवाड़ा कृषि मंडी तथा बीज-खाद विक्रेताओं की दुकानों पर भी किसानों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। किसान प्रमाणित बीज, डीएपी और यूरिया की खरीदारी कर रहे हैं ताकि बुवाई समय पर पूरी की जा सके। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहली बारिश ने खेतों को बुवाई के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया है। यदि आगामी दिनों में भी मौसम अनुकूल रहा तो इस बार खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारी देवेन्द्र सिंह ने किसानों से नमी का पूरा लाभ उठाते हुए शीघ्र बुवाई पूर्ण करने तथा केवल प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की अपील की है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है, जिससे किसानों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।