वृक्ष बचेंगे तो भविष्य बचेगा, हरियाली ही धरती की सबसे बड़ी पूंजी: कुलगुरु डॉ.पुष्पेन्द्र सिंह चौहान

AYUSH ANTIMA
By -
0


निवाई (लालचंद माली): केरोद मोड़ स्थित कृषि महाविद्यालय में श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु डॉ.पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने महाविद्यालय एवं अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण कर शैक्षणिक, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वैज्ञानिकों से विभिन्न फसलों पर चल रहे शोध परीक्षणों, बीज उत्पादन कार्यक्रमों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली और किसानों की जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं उपयोगी अनुसंधान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। कुलगुरु डॉ.चौहान ने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित कृषि शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि "वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं। अधिक से अधिक पौधे लगाना ही नहीं, उनका संरक्षण करना भी प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। निरीक्षण के बाद महाविद्यालय परिसर में वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया।महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.आरएस मीणा ने बताया कि परिसर एवं अनुसंधान फार्म में करीब 2 हजार फलदार और 3 हजार छायादार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के भू-संपत्ति अधिकारी डॉ.एसपी सिंह, डॉ.ओपी मीणा, डॉ.आरएल मीणा, डॉ.बबीता डीगवाल, डॉ.पीसी बैरवा, डॉ.वीएस मीणा, जोगेन्द्र सिंह, बीआर मीणा, रामलाल मीणा, महेन्द्र यादव, सुनिता जाजोरिया, सुनील वर्मा, नेहा मौर्य, तरुण बागड़ी, आत्माराम मीणा, पारस चंद सैनी, चन्द्रप्रकाश स्वर्णकार, दिनेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!