एमजीएसयू के इतिहास विभाग में "सकारात्मकता" पर एक दिवसीय सेमिनार संपन्न

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर (मुकेश रामावत): महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के इतिहास विभाग द्वारा मंगलवार को "सकारात्मकता" विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन में हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सेमिनार की बीज वक्ता अल्का डॉली पाठक, दयानंद स्कूल की पूर्व सीईओ एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद रहीं। उन्होंने इतिहास पुरुषों की जीवनियों के प्रेरणादायक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि "इतिहास पुरुषों ने हमेशा सकारात्मकता और आशावाद का संदेश दिया है। कठिन से कठिन समय में भी आशा जीवित रखकर ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।" कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। स्वागत भाषण में इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.मेघना शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से हमें सकारात्मकता का सबसे बड़ा पाठ मिलता है। उन्होंने आधुनिक भारतीय इतिहास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मूल्यों को स्थापित किया। विषय प्रवर्तन करते हुए अतिथि शिक्षक डॉ.मुकेश हर्ष ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस से लेकर डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम तक सभी ने आशावाद, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं मूल्यों ने इतिहास और राष्ट्र को आगे बढ़ाया है। सेमिनार में विद्यार्थियों की ओर से लक्ष्मी सुथार ने सकारात्मकता का संदेश देता भजन प्रस्तुत किया। मंच संचालन अतिथि शिक्षक रिंकू जोशी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ.रीतेश व्यास ने दिया। इस अवसर पर अल्का डॉली पाठक का इतिहास विभाग के सदस्यों द्वारा शॉल, साफा, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। सेमिनार में डॉ.गोपाल व्यास, जसप्रीत सिंह, भगवान दास सुथार, डॉ.संजना चौधरी, सुशीला बिश्नोई सहित इतिहास विभाग के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में स्नातकोत्तर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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