बीकानेर (मुकेश रामावत): प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल पीबीएम एक बार फिर लापरवाही के आरोपों में घिर गया है। जनाना वार्ड में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। दर्दनाक बात ये है कि डिलीवरी से पहले ही उसके नवजात की मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार में 24 घंटे के अंदर मां-बेटे दोनों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
*क्या था पूरा मामला*
पीड़ित परिवार के अनुसार 3 जुलाई को लाली की जनाना अस्पताल में सिजेरियन से डिलीवरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद उसे तेज रक्तस्राव शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक इलाज के दौरान उसे कार्डियक अरेस्ट आया। सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन रविवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
*अस्पताल की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल*
पिछले कुछ दिनों से पीबीएम हॉस्पिटल लगातार विवादों में है। कभी दवाओं की कमी, कभी स्टाफ की लापरवाही और अब प्रसूता व नवजात की मौत। इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका का शव मोर्चरी पहुंचते ही बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग जमा हो गए। सभी ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की।
*नेता पहुंचे, दो अन्य की हालत गंभीर*
सूचना मिलने पर कांग्रेसी नेता रामनिवास कूकना भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को प्रशासन के सामने रखा जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाया जाएगा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार इसी मामले से जुड़ी दो अन्य महिलाओं में से कमला मेडिसिन आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं इमरती को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर एम्स रेफर किया गया है। मां और नवजात की मौत के बाद अब पीबीएम में जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।