रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालोर के सचिव उमेश वीर के आदेश तथा तालुका विधिक सेवा समिति रानीवाड़ा की अध्यक्ष सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट साक्षी शर्मा के निर्देशानुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करवाड़ा बी. ढाणी में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) फौजाराम परिहार मेघवाल ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना कानूनन अपराध है, इसलिए समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूक होकर इसे रोकने में सहयोग करना चाहिए। शिविर के दौरान नालसा के पर्यावरण संरक्षण अभियान के अंतर्गत पौधारोपण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया तथा पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी पर जोर दिया गया। इसके अलावा स्थायी लोक अदालत एवं राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यप्रणाली, उनके माध्यम से सुलभ, त्वरित एवं कम खर्चीले न्याय की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पीएलवी ने आमजन को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन संख्या 15100 की जानकारी भी दी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य भेराराम गोदारा, व्याख्याता चमली मैडम, शिक्षक जामताराम, राजू चंदेलिया, रामकिशन, अजाराम, दिनेश कुमार, गोविन्द मरोदिया, शिक्षिका मंजू बिश्नोई, वीरमा बिश्नोई सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करवाड़ा बी. ढाणी में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित
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July 21, 2026
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