निवाई (लालचंद माली): ग्राम पंचायत करेड़ा बुजुर्ग स्थित आयुष्मान केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिछले छह माह से डॉक्टर और एएनएम के अभाव में बदहाल स्थिति में संचालित हो रहा है। हालात यह हैं कि पूरा स्वास्थ्य केंद्र कम्पाउंडरों के भरोसे चल रहा है, जिससे ग्रामीणों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सा सुविधाओं की इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से जनस्वास्थ्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर के निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल स्टाफ नियुक्त करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी पर डॉक्टर और एएनएम के पद लंबे समय से रिक्त हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र दहलोद की एएनएम को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है, लेकिन दो स्थानों की जिम्मेदारी होने से वह किसी भी केंद्र पर प्रभावी सेवाएं नहीं दे पा रही हैं। इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और संस्थागत प्रसव जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दो एएनएम लीव रिजर्व में कार्यरत हैं, जिनके पास वर्तमान में कोई जिम्मेदारी नहीं है। नियमों के अनुसार लीव रिजर्व एएनएम की नियुक्ति ऐसे ही स्वास्थ्य केंद्रों पर की जानी चाहिए, जहां पद रिक्त हों, लेकिन कार्मिक उपलब्ध होने के बावजूद भी उन्हें करेड़ा बुजुर्ग पीएचसी पर तैनात नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र डॉक्टर और एएनएम की नियुक्ति नहीं की गई तो क्षेत्र के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से पीएचसी पर तत्काल चिकित्सक की नियुक्ति तथा लीव रिजर्व एएनएम को पदस्थापित करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन देने वालों में नारायण शर्मा, जगदीश कुमावत, हनुमान चौधरी, शंभूदयाल शर्मा, राजेश चौधरी, हरिशंकर वर्मा, मुकेश सैन, रामप्रसाद चौधरी, राजाराम मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।