श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर (मुकेश रामावत): धीरेदसर चोटियान गांव के ग्रामीणों की लंबी लड़ाई रंग लाई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांव में शराब का ठेका बंद हो गया। लेकिन अब गांव में ठेके की जगह अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतें सामने आने लगी हैं। रविवार को गांव में ग्राम पंचायत की विशेष बैठक बुलाई गई। इसमें शराबबंदी के बाद अवैध शराब की सप्लाई रोकने के लिए कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। ग्रामीणों ने गांव में शराब ले जाने वाले वाहनों पर रोक, अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई, रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और मोहल्लों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग रखी। सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल श्रीडूंगरगढ़ पहुंचा और उपखंड अधिकारी व थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नशा मुक्ति आंदोलन के अगुवा एडवोकेट श्याम सुंदर आर्य ने कहा कि ठेका बंद होने के बाद कुछ लोग गांव में अवैध शराब बेचकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने होंगे। ज्ञापन देने वालों में सरपंच रामचंद्र चोटिया, पूर्व सरपंच बजरंग लाल चोटिया, प्रभुराम चोटिया, भंवरलाल चोटिया, तिलोक राम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि 684 दिन के धरने के बाद मिली इस जीत को वे किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देंगे और गांव को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
684 दिन के संघर्ष के बाद धीरेदसर चोटियान में बंद हुआ शराब का ठेका, अब अवैध बिक्री के खिलाफ उतरे ग्रामीण
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July 20, 2026
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