बीकानेर (मुकेश रामावत): श्री पुष्करणा प्रन्यास द्वारा इस वर्ष पुष्करणा दिवस को पांच दिवसीय उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। प्रन्यास मंडल की बैठक संरक्षक एवं समाजसेवी शंकर लाल पुरोहित की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 26 अगस्त को मनाए जाने वाले पुष्करणा दिवस के कार्यक्रमों को लेकर रूपरेखा तय की गई।
*समाज, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण पर फोकस*
बैठक में तय हुआ कि आयोजन का मकसद समाज की प्रतिभाओं को मंच देना, महिलाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देना और सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को मजबूत करना है।
*5 दिन में होंगे ये प्रमुख आयोजन*
1. प्रतिभा सम्मान समारोह: शिक्षा, खेल, कला और समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
2. महिला उत्पाद प्रदर्शनी एवं मेला: पुष्करणा समाज की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री।
3. साहित्य गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन: साहित्यकारों और कवियों का संगम।
4. सामाजिक सम्मान समारोह: समाज के प्रबुद्धजनों का अभिनंदन।
*घर-घर मनाया जाएगा उत्सव*
26 अगस्त को पुष्करणा दिवस पर समाज के हर घर में दीप जलाने और रंगोली सजाने का आह्वान किया गया है, ताकि पूरे समाज में उत्सव का माहौल बने।
*युवा और महिलाओं की भागीदारी पर जोर*
बैठक में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ युवाओं और महिलाओं को आयोजनों से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। पदाधिकारियों का मानना है कि यह पांच दिवसीय आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को नई दिशा देगा।
बैठक में प्रन्यास अध्यक्ष अनिल आचार्य, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र किराडू, सचिव अनिल पुरोहित सहित सुरेंद्र व्यास, प्रेमशंकर रंगा, महेंद्र चूरा, आरती आचार्य, सेनुका हर्ष, राजकुमारी व्यास, सुमन ओझा और कई पदाधिकारी मौजूद रहे।