बीकानेर (मुकेश रामावत): स्वर श्रृंगार कला केंद्र समिति द्वारा कीर्तिशेष भजन गायक फकीरचंद मोदी की स्मृति में आयोजित "स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान 2026" एवं भव्य कवि सम्मेलन-मुशायरा नगर के महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम, नागरी भण्डार में संपन्न हुआ।
*साहित्य की तीन विभूतियों को सम्मान*
इस वर्ष राजस्थानी, हिंदी और उर्दू साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन रचनाकारों को सम्मानित किया गया।
- राजस्थानी साहित्य: वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा
- हिंदी साहित्य: कवयित्री-कथाकार डॉ.मेघना शर्मा
- उर्दू साहित्य: जयपुर के युवा शायर शफीक अहमद वारसी
सम्मान स्वरूप तीनों को शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र और माल्यार्पण कर अभिनंदित किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए तीनों साहित्यकारों ने कहा कि यह सम्मान उनकी रचनात्मक जिम्मेदारी को और बढ़ाता है और वे आगे भी साहित्य सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
*कविता और शायरी से गूंजा ऑडिटोरियम*
कार्यक्रम समन्वयक वरिष्ठ शायर-कहानीकार कासिम बीकानेरी ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे चरण में दिवंगत उर्दू शायर बशीर बद्र की स्मृति में कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन हुआ। इसमें शहर के करीब 15 रचनाकारों ने हास्य, व्यंग्य, ओज, करुणा और श्रृंगार रस से भरपूर रचनाएं प्रस्तुत कीं।
बशीर बद्र की पोती सुब्ह बद्र और कासिम बीकानेरी ने मरहूम शायर के कलाम को पेश कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। कविता पाठ करने वालों में वली मोहम्मद गौरी, सागर सिद्दीकी, मुहम्मद मोइनुद्दीन मुईन, राजेंद्र स्वर्णकार, मनीषा आर्य सोनी, डॉ. कृष्णा आचार्य, कैलाश टाक, ज्योति स्वामी, विप्लव व्यास सहित कई नाम शामिल रहे।
*गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना कार्यक्रम*
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर रमजान राजजामी ने की। मुख्य अतिथि समाजसेवी शांतिलाल मोदी और विशिष्ट अतिथि संगीतकार मुमताज अहमद उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष पूनम मोदी ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान करना समाज का दायित्व है और संस्था आगे भी ऐसे आयोजन करती रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण और डॉ. कृष्णा आचार्य की सरस्वती वंदना से हुआ। संचालन कासिम बीकानेरी ने किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कलाकारों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।