निवाई (लालचंद माली): सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आचार्य सन्मति सागर महाराज के शिष्य आचार्य सुन्दर सागर महाराज ससंघ का रविवार को 23 पिच्छिकाओं के साथ निवाई नगर में ऐतिहासिक एवं भव्य मंगल प्रवेश होगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल है। नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है और तैयारियां युद्धस्तर पर अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। चातुर्मास समिति के प्रवक्ता सुनील भाणजा एवं विमल जौंला ने बताया कि आचार्य सुन्दर सागर महाराज ससंघ वर्ष 2026 का चातुर्मास निवाई में करेंगे। रविवार सुबह 7 बजे वर्धमान सर्विस सेंटर से मंगल प्रवेश शोभायात्रा रवाना होगी, जो जैन नसिया मंदिर, बिचला जैन मंदिर, बड़ा जैन मंदिर, बड़ा बाजार, चंद्रप्रभु जैन मंदिर, अहिंसा सर्किल और भगवान महावीर मार्ग से होते हुए श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर पहुंचेगी। मंगल प्रवेश को लेकर नगर के प्रमुख मार्गों पर आकर्षक सजावट, रंगोलियां, धार्मिक ध्वज एवं होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। समाज द्वारा शहरभर में 101 से अधिक भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। शोभायात्रा में मंगल ध्वज, ढोल-नगाड़े, शहनाई, चार बैंड-बाजे, सुसज्जित हाथी, रथ, घोड़े, बग्घियां तथा हजारों श्रद्धालुओं की धर्ममय सहभागिता आकर्षण का केंद्र रहेगी। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा, मंगल आरती एवं पाद प्रक्षालन कर आचार्यश्री का स्वागत किया जाएगा। समिति ने बताया कि आचार्य सुन्दर सागर महाराज ससंघ ने मंगल विहार करते हुए माधोराजपुरा, सेदरिया एवं चतुर्भुजपुरा होते हुए शनिवार को बनस्थली पहुंचकर वहां भी श्रद्धालुओं का स्नेह प्राप्त किया। अब रविवार को उनका निवाई में भव्य मंगल प्रवेश होगा। आचार्य सुन्दर सागर महाराज के ससंघ में 10 मुनिराज, 4 आर्यिका माताजी, 5 क्षुल्लक, 4 क्षुल्लिका, कुल 23 पिच्छिकाएं तथा 7 ब्रह्मचारी-ब्रह्मचारिणियां शामिल हैं। चातुर्मास निवाई के धार्मिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय सिद्ध होगा।
चार माह तक चलने वाले वर्षायोग के दौरान प्रतिदिन धर्म वाचना, जिज्ञासा समाधान, पर्युषण महापर्व, दशलक्षण पर्व, अष्टान्हिका पर्व सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे लेकर जैन समाज में भारी उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।