रुपये वाले पट्टे पर अब लाखों का बोझ": पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने सीएम को लिखा पत्र, 10 साल की लीज राशि वसूली का आदेश वापस लेने की मांग

AYUSH ANTIMA
By -
0


बीकानेर (मुकेश रामावत): राज्य सरकार के 29 जून 2026 के आदेश को लेकर सियासत गर्मा गई है। सरकार ने स्टेट ग्रांट एक्ट और रियासतकालीन पट्टों के नवीनीकरण पर 10 वर्ष की एकमुश्त लीज राशि वसूलने का फैसला किया है। इस फैसले का विरोध करते हुए पूर्व मंत्री डॉ.बीडी कल्ला ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को ज्ञापन भेजकर इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। राजस्थान नगर पालिका नियम 2015 के तहत जारी नए निर्देशों के अनुसार, यदि मूल पट्टाधारी की मृत्यु हो गई है और वारिस नए पट्टे के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें निर्धारित शुल्क के साथ वर्तमान रक्षित बाजार दर के हिसाब से 10 साल की लीज राशि भी जमा करवानी होगी। इसी तरह रियासतकालीन फ्री-होल्ड पट्टों के नवीनीकरण और नामांतरण पर भी 10 वर्षीय लीज राशि वसूलने का प्रावधान किया गया है। डॉ.कल्ला ने ज्ञापन में कहा कि स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत कई लोगों को वर्षों पहले सिर्फ 5 रुपये में पट्टे जारी किए गए थे। अब उन्हीं पट्टों के वारिसों से बाजार दर के हिसाब से मोटी रकम मांगना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इतनी बड़ी राशि जमा करना, उनके लिए संभव नहीं होगा। फ्री-होल्ड पट्टे स्वामित्व अधिकार देते हैं, इसलिए उनके नवीनीकरण पर अतिरिक्त राशि लेना न्यायसंगत नहीं है। पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित को देखते हुए 29 जून का आदेश तुरंत निरस्त किया जाए। साथ ही स्टेट ग्रांट और रियासतकालीन पट्टों के मामलों में पुरानी व्यवस्था को ही यथावत रखा जाए। कल्ला ने चेतावनी दी कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो हजारों परिवार आर्थिक संकट में आ जाएंगे और सरकार के प्रति असंतोष बढ़ेगा। सरकार का उद्देश्य जनता को राहत देना होना चाहिए, न कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!