दो0 हफ्ते से ताले में कैद आंगनबाड़ी, सरकार मौन: बच्चों का पोषण, शिक्षा और टीकाकरण हड़ताल की भेंट

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद माली): प्रदेशभर में जारी आंगनबाड़ी कार्मिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब आमजन पर भारी पड़ने लगी है। निवाई क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पिछले दो सप्ताह से ताले लटके हुए हैं, जबकि सरकार और आंदोलनरत कार्मिकों के बीच अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। नतीजतन मासूम बच्चों की पूर्व प्राथमिक शिक्षा, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाला पोषाहार, बच्चों का नियमित टीकाकरण और महिला एवं बाल विकास विभाग की कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर 1 जुलाई से जारी कार्य बहिष्कार के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटी हुई हैं। आंदोलन के कारण निवाई क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों, महिलाओं तथा बच्चों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निवाई शाखा अध्यक्ष राजकुमारी गौतम सहित आशा निराला, मीनाक्षी यादव, विजय लक्ष्मी, विद्या, सीमा, रजनी, अनीता, सुनीता एवं रतिका ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक प्रदेशव्यापी आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है। इधर, लगातार दो सप्ताह से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि यदि जन कल्याणकारी योजनाएं ही ठप हो जाएं तो सबसे बड़ी कीमत आखिर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ही क्यों चुकानी पड़े। अब सभी की निगाहें सरकार और आंदोलनरत कार्मिकों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।

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