जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): गुरुवार को संयुक्त अभिभावक संघ के तत्वाधान में शिक्षा संकुल पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बड़ी संख्या में आरटीई से जुड़े पीड़ित अभिभावकों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षा विभाग की लापरवाही और निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। अभिभावकों ने बताया कि आरटीई के तहत सत्र 2026-27 के दाखिलों की प्रक्रिया अभी पूर्ण रूप से निर्धारित भी नहीं हुई है, इसके बावजूद कई निजी स्कूलों द्वारा चयनित विद्यार्थियों के अभिभावकों पर अवैध रूप से शुल्क जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। यह स्थिति नियमों के विपरीत है और अभिभावकों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण है। बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने अभिभावकों से वन-टू-वन संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सभी उपस्थित अभिभावकों की लिखित शिकायतें एकत्रित कीं। इस दौरान श्रीमती आरती वर्मा, एडवोकेट संतोष, देवांश कुमावत, एडवोकेट जयपाल चौधरी, धर्मेंद्र मीणा, मुकेश कुमार (मांझी रेनवाल), मनोज पाटनी, इमरान कुरैशी, श्रीमती अर्पणा सिंह, विकास चंदेलिया, सुरेश लील, मनु भास्कर, मोनू शर्मा सहित अन्य अभिभावक उपस्थित रहे। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने आरोप लगाया कि विभाग की उदासीनता और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लाखों चयनित विद्यार्थियों का भविष्य एक बार फिर संकट में नजर आ रहा है, जिससे यह आशंका उत्पन्न होती है कि लगातार दूसरे वर्ष भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की योजना और अभिभावकों को ठोकरें खाने जैसे कार्य किए जा रहे है।
*बैठक में उपस्थित अभिभावकों ने एक स्वर में रखी मांग—*
1. शिक्षा विभाग तत्काल स्थिति स्पष्ट करे।
2. सभी निजी स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
3. RTE के अंतर्गत किसी भी प्रकार की फीस वसूली पर तत्काल रोक लगे।
4. दोषी स्कूलों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
मांगे रखने के साथ ही संयुक्त अभिभावक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही आरटीई की प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का समाधान तय समय से पूर्व नहीं किया गया तो प्रदेशभर के अभिभावकों को अपनी एकजुटता का ना केवल प्रदर्शन करना होगा बल्कि सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने पर भी मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
*पीड़ित अभिभावकों का पक्ष*
👉🏻 मुकेश मुंडोतियां ने बताया कि उनकी पुत्री मायरा का चयन मांझी रेनवाल स्थित एम. विंग्स एकेडमी सी.सै. स्कूल में हुआ है। दस्तावेज जमा करवाने के दौरान स्कूल प्रशासन ने पूरे वर्ष की फीस जमा कराने की मांग की और कहा कि फीस नहीं देने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
👉🏻 आरती धाबी ने बताया कि उनकी पुत्री अनाया का चयन महारानी फार्म, गायत्री नगर स्थित सीडलिंग मॉडर्न हाई स्कूल में आठवें स्थान पर हुआ, लेकिन स्कूल प्रशासन ने दस्तावेज लेने से ही इनकार कर दिया और केवल पहले पांच बच्चों को प्रवेश देने की बात कही, जो नियमों के विपरीत है।
👉🏻 मोनू मेहरा ने बताया कि उनके पुत्र का चयन चांदी की टकसाल स्थित शिव पब्लिक स्कूल में हुआ है, लेकिन वहां भी दस्तावेज लेने के बाद एक वर्ष की फीस मांगी जा रही है।