बीकानेर: बीकानेर की महती समस्या कोटगेट सांखला रेल फाटक, रोजाना हजारों रुपए का डीजल पेट्रोल बर्बाद, समय खर्च करके भी जाम में फंसने को मजबूर जनता आखिर जाए तो जाए कहां। क्या जनता इसी को अपनी नियति मान ले और भुगतती रहे क्योंकि जिस तरह का नेताओं का व्यवहार है, उसको देखकर नहीं लगता कि किसी भी पार्टी का कोई भी नेता बीकानेर की जनता को इस समस्या से उबारना चाहता है।
आज समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ.बीडी कल्ला ने उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी से मुलाकात कर और रेल मंत्री को पत्र लिखकर सीधे तौर पर कोटगेट पर बनने वाले अंडरपास का विरोध दर्ज करवाते हुए उसे सुधारने की मांग की, इसके साथ ही कुछ वैकल्पिक सुझाव भी सरकार के खजाने के हित में दिए, वही दूसरी तरफ भाजपा कांग्रेस समर्थक नेता व्यापार मंडल के नाम से इसका सीधा विरोध करते नजर आ रहे है तो लिहाजा यह कार्य एक बार फिर से ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है यानी एक बार फिर से जनता इसी तरह इन फाटकों पर अपना समय, पैसा खराब कर जाम में फंसी रहे क्योंकि कांग्रेस हो या भाजपा कोई भी इस समस्या का समाधान करवाना ही नहीं चाहता, कांग्रेस करे तो भाजपा और भाजपा करे तो कांग्रेस का विरोध। जनता नियति मान ले कि आपको यूं ही भुगतना है क्योंकि आपको बोलना नहीं आता। बीकानेर का आम नागरिक और कोटगेट फाटक बंद जाम में फंसने वाला पीड़ित होने के नाते मेरा सवाल सीधे उन लोगों से जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसके विरोध में उतर गए है। सवाल बीकानेर के वरिष्ठ नेता डॉ.बीडी कल्ला, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और कांग्रेसी कार्यकर्ता श्याम तंवर, कांग्रेस समर्थक नरपत सेठिया, वर्षों से संघी पेंटर भोज परिवार से और उन सभी व्यक्तियों से, जिन्होंने आज इस अंडरपास को गलत माना है।
* सवाल 1: 2023 में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार द्वारा जो 35 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए क्या वो बिना नक्शे के कर दिए गए।
* सवाल 2: अगर नक्शा बनकर कार्य स्वीकृत हुआ तो आज का जो नक्शा है वो 2023 से विपरीत है।
* सवाल 3: 2023 का नक्शा बदला गया है तो जनता को समझाए और विरोध दर्ज इस बात का करवाए कि जनहित के कार्य के नक्शे में भाजपा ने परिवर्तन जनता के साथ धोखा किया, गलत किया, इसके लिए खुलकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा क्यों नहीं खोल रहे डॉ.कल्ला और तथाकथित व्यापार मंडल के व्यक्ति।
* सवाल 4: अगर वर्तमान नक्शे पर ही अशोक गहलोत सरकार के द्वारा 35 करोड़ का कार्य स्वीकृत हुआ, जिसका श्रेय कांग्रेस और कल्ला जी लेने से नहीं चूकते तो आज ये नक्शा अव्यावहारिक कैसे हुआ।
यही सवाल सीधे सीधे तथाकथित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और कांग्रेस समर्थक नरपत सेठिया और श्याम तंवर से अगर 2023 में इसी नक्शे का स्वागत कर कांग्रेस का धन्यवाद ज्ञापित किया तो आज विरोध क्यों। भाजपा समर्थक व्यापारी पेंटर भोज परिवार से भी सवाल कि आखिर क्यों आप जनता की परेशानी का समाधान नहीं होने देना चाहते। क्या बीकानेर की जनता को बेवकूफ समझ लिया है कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने, लगातार इस समस्या की बात करेंगे, समाधान करवाने का आश्वासन देंगे और जब समाधान होता दिखेगा तब पक्ष विपक्ष करके इसके समाधान का विरोध करेंगे। बीकानेर की जनता सीधे सीधे जानना चाहती है कि क्या वास्तविकता में कोई इस समस्या का समाधान करवाना चाहता है या फिर यूं ही हमे मुगालते में रखते हुए अपनी राजनैतिक रोटियां सेकते रहोगे।
*जनता कब तक सहती रहे ये अत्याचार: रेल फाटक समस्या से मुक्ति कब दोगे सरकार*