पशु चिकित्सा तकनीकी कर्मचारी संघ ने संयुक्त निदेशक को सौंपा ज्ञापन: आंदोलन की दी चेतावनी

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद माली): पशु चिकित्सा तकनीकी कर्मचारी संघ राजस्थान ने पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक को पशुधन निरीक्षक संवर्ग की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में मौखिक रूप से कैडर की समस्याओं के बारे में अवगत करवाने के बावजूद विभाग द्वारा इन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने संस्थाओं में फर्नीचर की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने बताया कि जिले की कई संस्थाओं, विशेषकर वीएससी तांतिया मालपुरा, वीएससी देवखेरा मालपुरा, वीएससी राजपुरा, कुंडेर, वीएससी लोहरवाडा, वीएससी सिंदरा, वीएससी देवडावास दुनी, वीएससी भारखेडा, वीएससी बग मालपुरा, वीएससी जुनिया, वीएससी दांतोब व वीएससी मुंरिया कला तोडा में टेबल, कुर्सी, अलमारी, ट्रेविस एवं स्टूल जैसे आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही, जिले की अधिकांश संस्थाओं के भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं और आगामी बरसात के मोसम में छतों से पानी टपकने के कारण सरकारी दस्तावेजों के भीगने या नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। कर्मचारियों ने बताया कि जिले के कई पशुधन निरीक्षकों द्वारा अप्रैल माह में ही फॉर्म भर दिए जाने के बावजूद अभी तक पीएल का भुगतान जमा नहीं हुआ है। इसके अलावा, कार्यालय द्वारा मांगी गई संतान संबंधी प्रमाण पत्र की सूचना साथियों द्वारा भेजे जाने के बाद भी बार-बार मांगी जा रही है, जो प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाता है। जिले की कई संस्थाओं के प्रभारियों द्वारा विभागीय भवनों के निर्माण हेतु जमीन की जमाबंदी नकल एवं पट्टे की फोटोकॉपी कई बार कार्यालय भेजी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नए भवनों का निर्माण नहीं हो पाया है। वर्तमान में कई संस्थाएं पुराने व जर्जर पंचायत भवनों में संचालित हो रही हैं, जिससे कर्मचारियों की जान को खतरा बना रहता है। संघ ने इन विभागीय भवनों के निर्माण की प्रक्रिया को गति प्रदान करने की मांग की है। जिले की कई संस्थाओं के बकाया बिजली बिलों का जल्द से जल्द भुगतान करने एवं शासन व निदेशालय के आदेशानुसार पशुधन निरीक्षक का नाम एलएसआई की जगह केवल एलआई ही उपयोग में लिए जाने की भी मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम खंगार, जिलाध्यक्ष रजिराम, हनुमान गुर्जर, महेश शर्मा, बुद्धिप्रकाश, मुकेश हरसाणा, मनोज नागर, लोकेश मीणा व गजेन्द्र यादव सहित कई पशु चिकित्सा तकनीकी कर्मचारी मौजूद थे।

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