रानीवाड़ा/जालौर (महेंद्र देवासी): महिला मंडल बाड़मेर आगोर (एमएमबीए) द्वारा स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की ईपीए गतिविधि के तहत रानीवाड़ा क्षेत्र में घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (डीएनटी) समुदाय की महिलाओं और बालिकाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई किट भी वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कार्यक्रम में महिला मंडल बाड़मेर आगोर की जिला समन्वयक किरण, सीसीपी विवेक अवस्थी, सविता देवी, मुख्य अतिथि मंजीराम चौधरी, लवजीराम भाट, महिला कांस्टेबल ममता बिश्नोई तथा बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक सुमेंद्र सिंह उपस्थित रहे। मंजीराम चौधरी ने महिलाओं को सीड (SEED) योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने शिक्षा और कौशल विकास से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। संस्था निदेशक आदिल खान ने कहा कि घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय की महिलाओं और बालिकाओं का सशक्त होना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने, शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने की अपील की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं बालिकाओं ने भाग लिया। महिला मंडल बाड़मेर आगोर के कार्यकर्ताओं और समुदाय के गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही। संस्था ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से संचालित यह प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र की महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।