झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिले में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास झुंझुनूं के नजदीक बाकरा गैस प्लांट परिसर में किया गया। जहां आग लगने की सूचना मिलने पर प्रशासन, पुलिस और विभिन्न राहत एवं बचाव एजेंसियों को तुरंत सतर्क किया गया। प्लांट में आग लगने की स्थिति पैदा की गई, जिसे फायर ब्रिगेड की टीमों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से बुझाने का अभ्यास किया। हवाई हमले की सूरत में घायलों को मलबे या आग के बीच से निकालने के लिए SDRF और सिविल डिफेंस के जवानों ने मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ.अरुण गर्ग मौके पर पहुंचे। उनके साथ-साथ पुलिस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन दल, मेडिकल टीमें, और स्काउट एंड गाइड जैसे राहत दलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही शुरू की। ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित प्रयासों की दक्षता को परखना।
जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने बताया कि गैस प्लांट जिला का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। यहां किसी भी प्रकार की चूक बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है। आज की ड्रिल में सभी विभागों का समन्वय और समय की पाबंदी संतोषजनक रही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि आम जनता के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत करते हैं।
मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को तुरंत 'फर्स्ट एड' दिया। गंभीर रूप से घायल डमी मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत हायर सेंटर भेजने का सफल अभ्यास किया गया।
इस मौके पर एडिशनल एसपी देवेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी फूलचंद मीणा, उपखंड अधिकारी कौशल्या बिश्नोई, तहसीलदार महेंद्र मूंड, स्काउट सीओ महेश कालावत, पीएमओ डॉ.जितेंद्र भांभू, डीएसपी गोपाल ढाका, पीआरओ हिमांशु सिंह, डीएसओ डॉ.निकिता राठौड़, यातायात थानाधिकारी राधेश्याम सांखला समेत विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने अपनी भूमिका निभाई।