निवाई (लालचंद माली): बनस्थली विद्यापीठ के कृषि विज्ञान केंद्र व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार, टिड्डी सह एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र जयपुर एवं कृषि विभाग टोंक के संयुक्त तत्वावधान में गांव अनवरपुरा खेड़ा व पीपलू में खेत बचाओं अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.धीरज कुमार ने किसानों को गोबर से अच्छी खाद तैयार करने की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी देते हुए मिट्टी की उर्वरता एवं उत्पादकता बनाए रखने के लिए जैविक खादों के महत्व पर विचार व्यक्त किए। पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ.संदीप कुमार चौधरी ने खरीफ फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों का जैविक उपायों से नियंत्रण और उर्वरता संरक्षण की जानकारी दी। गृह वैज्ञानिक प्रीति वर्मा ने किसानों को घरेलू फल, सब्जियों एवं अन्य जैविक अवशेषों का खाद के रूप में उपयोग करने की तकनीकों से अवगत कराया। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, टिड्डी सह एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र जयपुर के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी श्योराम ने किसानों को एनपीएसएस ऐप के बारे में जानकारी दी एवं बीजोपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ.रामनिवास जाट ने किसानों को राज्य सरकार की कृषि योजनाओं, कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान एवं उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जानकारी दी। सहायक निदेशक डॉ.नंदलाल मीणा ने उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राज्य स्तरीय योजनाओं की जानकारी दी। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक शशिप्रकाश जाखड़ ने किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के महत्व की जानकारी देते हुए रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं कम उपयोग का आह्वान किया। जिला एलडीएम कल्याण जाखड़ ने किसानों को बैंकों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा एवं कृषि ऋण संबंधी सुविधाओं की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी रूपचंद साहु, कृषि पर्यवेक्षक लोकेन्द्र, सचिन गुर्जर, रामनारायण गुर्जर व श्रवण शर्मा सहित कई किसानों ने भाग लिया।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सिखाए मिट्टी बचाने एवं फसल बढ़ाने के गुर
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June 08, 2026
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