रानीवाड़ा/जालौर (महेंद्र देवासी): दक्षिण भारत के औद्योगिक शहरों इरोड, तिरुपुर, सेलम और कोयंबटूर में निवासरत पश्चिमी राजस्थान के प्रवासी परिवारों ने इरोड–जालोर–बालोतरा–बाड़मेर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग तेज कर दी है। प्रवासी समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि वर्षों से मांग उठाए जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। प्रवासी संगठनों के अनुसार जालोर, बालोतरा और बाड़मेर जिलों के बड़ी संख्या में लोग तमिलनाडु में व्यापार, उद्योग और रोजगार से जुड़े हुए हैं। सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को दो से तीन ट्रेनें बदलकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है। बजरंग सेना के प्रदेश अध्यक्ष बलवंत राजपुरोहित ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल सेवा लाखों यात्रियों की आवश्यकता बन चुकी है। उनका कहना है कि इरोड–जालोर–बालोतरा–बाड़मेर वाया कोंकण रेलवे, पाटन, भीलड़ी और समदड़ी मार्ग पर नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने से श्रमिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रवासी समाज का मानना है कि इस रेल सेवा के शुरू होने से राजस्थान और तमिलनाडु के बीच व्यापारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। क्षेत्रवासियों ने रेल मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों से मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इस रूट पर यात्रियों की पर्याप्त संख्या होने के बावजूद अब तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू नहीं होना चिंता का विषय है।
दक्षिण भारत से पश्चिमी राजस्थान के लिए सीधी रेल सेवा की मांग तेज, प्रवासी समाज ने उठाई आवाज
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June 11, 2026
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