बहरोड़: कदम्ब डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन, बहरोड़ के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक कुमार एडवोकेट ने बताया कि संस्था के "एक कदम्ब जीवन की ओर" अभियान के तहत अंतिमा पुत्री कमल सेन का जन्मदिन शरबती देवी दिव्यांग स्कूल में दिव्यांग बच्चों के साथ स्नेह और आत्मीयता के वातावरण में मनाया गया। अभियान का उद्देश्य समाज के उन चेहरों तक खुशियां पहुंचाना है, जो अक्सर ऐसे अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इसी भावना के साथ बच्चों को कॉफी मग, गिफ्ट बास्केट एवं विभिन्न खाद्य सामग्री वितरित की गई तथा उनके साथ मिलकर जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं, ताकि सेवा, संवेदना और अपनत्व का संदेश समाज तक पहुंच सके।
संस्था के सचिव दिव्यम अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसरों को समाज के जरूरतमंद वर्ग के साथ मनाने का संकल्प ले, तो छोटी-छोटी पहल भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकती है। जन्मदिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम भी बनना चाहिए। राखी जायसवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों के साथ बिताए गए ये पल मन को असीम शांति और संतोष प्रदान करते हैं। बच्चों की सहज मुस्कान ही ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है, वहीं शिल्पा बर्बरीक अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति का संदेश देते हुए कहा कि केक काटकर खुशियां अवश्य मनानी चाहिए, लेकिन मोमबत्तियां बुझाने के बजाय दीप प्रज्ज्वलित करना हमारी संस्कृति का प्रतीक है। दीप बुझाना नहीं, दीप से दीप जलाना भारतीय जीवन मूल्यों की पहचान है। उन्होंने कहा कि-
"जन्मदिन पर दीप जलाएं, जीवन में उजियारा लाएं;
खुशियां मनाएं इस प्रकार कि किसी के जीवन में भी प्रकाश बढ़ जाए।"