​ खेजड़ी

AYUSH ANTIMA
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​खेजड़ी एक वृक्ष नहीं है
यह राजस्थान की पहचान है
खड़ा अडिग एक संत की तरह
इसकी अनूठी शान है
​विषम परिस्थितियों में भी
मुस्कुराना कोई इससे सीखे
यह राज्य वृक्ष महान है
​पशुओं को मिले पौष्टिक चारा
सांगरी का अचार भी
बनता बड़ा प्यारा
​खोखा सूखे मेवे की
तरह खाया जाता है
ईंधन भी खूब इसका काम आता है
​फिर भी पता नहीं क्यों चलती इस पर आरी है
मानव खुद अपने पैरों पर
मार रहा कुल्हाड़ी है
​आओ अनमोल चेतना का शंखनाद करें
बची रहे सभ्यता संस्कृति हमारी
खेजड़ी के संरक्षण का काज करे

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