बीकानेर: जिले में चोरियों का ग्राफ इतना बढ़ता जा रहा है कि एक ही वार्ड में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा चोरियां हो चुकी है लेकिन इन चोरियों का पर्दाफाश करने में पुलिस नाकाम साबित हुई है। मंजर यह है कि अधिकांश चोरियों के तो मामले तक दर्ज नहीं किये गये है। ऐसा ही मामला वार्ड एक में देखने को मिला है, जहां पिछले 3 माह में करीब 19 चोरियां हो चुकी है परन्तु पुलिस कुभकर्णी नींद में सोई नजर आ रही है। सोमवार रात को भी वार्ड नं एक में सब्जी मंडी के पीछे मोहन जी टाल के पास रहने वाले बाबूलाल सोनी के यहां अज्ञात चोरों ने सैंधमारी की है। बताया जा रहा है कि बाबूलाल सोनी शनिवार को परिवार सहित ऋषिकेश गए हुए थे। मंगलवार सुबह जब घर लौटे तो पाया कि घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। पीडित सोनी ने बताया कि करीबन पांच लाख के सोने-चांदी के जेवरात सहित नकदी तक चोर ले उड़े। इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस ने हाथों हाथ तफतीश की बजाय शाम को मौका मुआयना किया।
*इन लोगों के यहां हुई चोरी, महज दो मामले ही दर्ज*
जानकारी मिली है कि वार्ड नं एक बंगला नगर में बाबूलाल सोनी के निवास पर हुई चोरी के अलावा डेढ़ दर्जन लोगों के यहां चोरी हो चुकी है, जिसमें से महज दो जनों के ही मामले दर्ज हुए है। पता चला है कि पिछले तीन माह में नारायण सोनी, मुमताज बानो, बाबूलाल कुमावत, मघाराम बनिया, नियाज मोहम्मद, शायर खान, जेठाराम कुमार, मालचंद सोनी, हीरालाल कुम्हार, ओमप्रकाश कुम्हार, जावर महाराज, पूनम चंद कुम्हार, दीनाराम कुम्हार, लालचंद, श्रवण विश्नोई, मनोज आचार्य, कानीराम जाजड़ा व एड.प्रभुसिंह के यहां चोरी के मामले सामने आ चुके है। इनमें से शायर खान व जेठाराम कुम्हार के ही मुकदमें मुक्ता प्रसाद थाने में दर्ज किये हुए है।
*एक पखवाड़े पहले दिया था एसपी को ज्ञापन*
पूर्व पार्षद हसन अली ने बताया कि एक सप्ताह पहले वार्ड के निवासियों ने बंगला नगर विकास समिति के बैनर तले जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाते हुए बताया था कि तीन महीने में 18 चोरियां हो चुकी है लेकिन थाना पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोर पुलिस की पकड़ से दूर है। पीडितों ने बताया कि मुक्ता प्रसाद थानाधिकारी को अनेक बार कहने के उपरांत भी किसी तरह से पुलिस चोरियों का पर्दाफाश नहीं कर पा रही है। जिसके कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है और क्षेत्र के निवासी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है।