जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्विद्यालय, जयपुर में “कौशलम 2.0” कार्यक्रम के अंतर्गत आयुर्वेद शिक्षकों एवं चिकित्सकों की कार्यकुशलता, व्यवहार कौशल एवं नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 30 चिकित्सकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के कुलपति प्रो.संजीव शर्मा ने कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “समय से पहले और भाग्य से ज़्यादा उन्हें ही मिलता है जो निरंतर मेहनत करते हैं।” उन्होंने चिकित्सकों को अपने ज्ञान के साथ-साथ व्यवहार और नेतृत्व कौशल को भी विकसित करने पर बल दिया, ताकि वे मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। पूरे कार्यक्रम को कुलपति प्रो.संजीव शर्मा द्वारा स्वयं डिजाइन एवं संचालन किया गया, जिससे कार्यशाला को व्यावहारिक और प्रभावी स्वरूप मिला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्रभावी संवाद, टीम वर्क, समय प्रबंधन तथा नेतृत्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर क्रिएटिव एवं रोचकपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल ओर नेतृत्व क्षमता को और अधिक सशक्त किया। “कोशलम 2.0” पहल का उद्देश्य आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार लाना और चिकित्सकों को नई चुनौतियों के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही गई।
समय से पहले और भाग्य से ज़्यादा उनको मिलता है जो मेहनत करते हैं: कुलपति प्रो.संजीव शर्मा
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June 07, 2026
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