जयपुर: विशाल बंसल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, स्पेशल आपरेशन्स ग्रुप, राजस्थान जयपुर ने बताया कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले व्यक्तियो के भारत मे पंजियन से पूर्व निर्धारित क्वालीफाईंग एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा के कूटरचित सर्टिफिकेट से राजस्थान मेडीकल काउन्सिल मे पंजियन कराने के सम्बंध में पुलिस थाना एसओजी जयपुर मे दर्ज प्रकरण संख्या 08/26 दिनांक 04.02.2026 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादसपंजिबद्ध किया जाकर अनुसंधान किया गया। प्रकरण के अनुसंधान के दौरान तथ्य सामने आये कि विदेश से एमबीबीएस कर भारत मे प्रेक्टिस करने के लिए पंजियन करवाने से पूर्व राष्ट्रीय आर्युविज्ञान संस्थान के द्वारा आयोजित करवायी जाने वाली योग्यता परीक्षा के सर्टिफिकेट भानाराम नाम के व्यक्ति के माध्यम से कूटरचित सर्टिफिकेट बनवा कर उसके आधार पर विदेश से मेडीकल स्नातक हुए लोग जिनके द्वारा एफएमजी परीक्षा पास नही कर पाये, राजस्थान मेडीकल काउन्सिल मे मेडीकल काउन्सिल के कर्मचारी व अधिकारियों की मिली भगत से राजस्थान के विभिन्न मेडीकल कालेजो मे इन्टर्नशिप कर रहे है व आरएमसी मे अपना अस्थाई पंजियन करवा लिया है। महानिरीक्षक पुलिस, एसओजी अजयपाल लाम्बा के नेतृत्व मे अनुसंधान अधिकारी जितेन्द्र नावरिया, उपअधीक्षक पुलिस द्वारा इस प्रकार फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट बनवाने वाले विदेश से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करीब 100 से अधिक व्यक्तियों को चिन्हित किया जा चुका है। इस प्रकरण मे अपराध प्रमाणित पाये जाने पर अनुसंधान अधिकारी जितेन्द्र नावरिया, उपअधीक्षक पुलिस द्वारा मुलजिमान (01) दीपक यादव पुत्र लालचन्द उम्र 28 साल नि० रेल्वे स्टेशन रोड, डीएलएम आई अस्पताल के पीछे चौमू, जिला जयपुर को 05 जून 2026 को व (02)- मुल० राजु गुर्जर पुत्र राजाराम जाति गुर्जर उम्र 28 साल निवासी रामबाग थाना डीग सदर, जिला डीग (03)- नरेश गुर्जर पुत्र कमल गुर्जर उम्र 30 साल नि० समूची थाना कठूमर तह कठूमर, जिला अलवर को बाद अनुसंधान गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार मुलजिम दीपक यादव पुत्र लालचन्द ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर 2022 मे भारत वापस आया व एनबीई के द्वारा आयोजित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार देने के बाद भी उत्तीर्ण नही होने पर कजाकिस्तान मे अपने साथ पढने वाले विजय सैनी के माध्यम से जो मुख्य अभियुक्त भानाराम का साला है के माध्यम से 24 लाख रूपये मे एफएमजी परीक्षा का कूटरचित सर्टिफिकेट बनवाकर उससे इन्टर्नशिप के लिये आवेदन कर राजकीय मेडीकल कालेज दौसा से इन्टर्नशिप करी है। मुलजिम भानाराम प्रकरण मे पूर्व मे गिरफ्तार हो चुका है, जो न्यायिक अभिरक्षा मे चल रहा है। गिरफ्तार मुलजिम राजु गुर्जर पुत्र राजाराम ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर 2021 मे भारत वापस आया व एनबीई के द्वारा आयोजित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार देने के बाद भी उत्तीर्ण नही होने पर कजाकिस्तान मे अपने साथ पढने वाले नरेश गुर्जर के माध्यम से इन्द्रराज सैनी नि० दौसा से 27 लाख रूप्ये मे एफएमजी परीक्षा का कूटरचित सर्टिफिकेट बनवाकर उससे इन्टर्नशिप के लिये आवेदन कर राजकीय मेडीकल कालेज हनुमानगढ से इन्टर्नशिप करी है। मुलजिम इन्द्रराज गुर्जर प्रकरण मे पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है, जो न्यायिक अभिरक्षा मे चल रहा है। गिरफ्तार मुलजिम नरेश गुर्जर पुत्र कमल गुर्जर ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर 2021 मे भारत वापस आया व एनबीई के द्वारा आयोजित एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार देने के बाद भी उत्तीर्ण नही होने पर कजाकिस्तान मे अपने साथ पढने वाले इन्द्रराज सैनी नि० दौसा से 23 लाख रूपये मे एफएमजी परीक्षा का कूटरचित सर्टिफिकेट बनवाकर उससे इन्टर्नशिप के लिये आवेदन कर राजकीय मेडीकल कालेज अलवर से इन्टर्नशिप करी है। मुलजिम नरेश ने राजू गुर्जर सहित अन्य भी कयी लोगो के कूटरचित एफएमजी स्क्रीनिंग टेस्ट सर्टिफिकेट बनवाये है, जिसके बाबत अनुसंधान जारी है। उपमहानिरीक्षक पुलिस एसओजी, भुवन भुषण यादव ने बताया कि इस मामले मे पूर्व मे कूटरचित सर्टिफिकेट के आधार पर इन्टर्नशिप करने व पंजियन करवाने वाले विदेश से स्नातक 17 डाक्टर, राजस्थान मेडीकल काउन्सिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ.राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन एवं मुख्य अपराधी भानाराम माली सहित एक दलाल को पूर्व में गिरफ्तार किये जा चुका है। इस मामले मे मुल० भानाराम द्वारा कूटरचित सर्टिफिकेट बनवाने एवं आरएमसी मे पंजियन कराने के लिए प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रूपये लिये है। प्रकरण मे गिरफ्तार मुलजिमान से अनुसंधान जारी है।
फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट मामले मे विदेश से एमबीबीएस करने वाले तीन डॉक्टर गिरफ्तार*
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June 07, 2026
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