श्रीडूंगरगढ/बीकानेर (मुकेश रामावत): श्री डूंगरगढ़ प्रदेश भर में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों की खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के तोलियासर गांव के सरकारी स्कूल से ऐसी ही एक डरावनी तस्वीर सामने आई, जिसने शिक्षा विभाग की पोल खोल दी। सुबह जब शिक्षक स्कूल खोलने के लिए कमरों का दरवाजा खोल रहे थे तो उनके होश उड़ गए। एक कमरे की छत की पट्टियां टूटकर नीचे फर्नीचर पर गिरी हुई मिलीं। गनीमत रही कि उस समय बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद सभी बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। जब एक-एक करके बाकी कमरे खोले गए तो बड़ी संख्या में कमरों की छतें पूरी तरह जर्जर हालत में मिलीं। गौरतलब है कि यह स्कूल बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हालत में है और कुछ दिन पहले ही स्कूल के ज्यादातर कमरों को प्रशासन ने जर्जर घोषित कर दिया था। इसके बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बच्चों की जान जोखिम में डालकर कक्षाएं लगाई जा रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और सरपंच प्रतिनिधि गिरधारी सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
बच्चे पहुंचने से पहले ही पट्टियां गिरने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन सवाल यह है कि जर्जर घोषित होने के बावजूद स्कूल में पढ़ाई क्यों जारी थी, अभिभावकों में भारी आक्रोश है।