बीकानेर (मुकेश रामावत): भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पीबीएम हॉस्पिटल में मानवता की मिसाल पेश की गई। अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को राहत देने के लिए सेवा भाव से प्रेरित युवाओं ने ठंडे पेय पदार्थों का वितरण किया। सेवा कार्य का नेतृत्व पीयूष आचार्य ने किया, जबकि विनोद गुर्जर के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सेवा की शुरुआत प्रभु स्मरण के साथ हुई। आयोजकों ने कहा, “करने वाला प्रभु है, करवाने वाला प्रभु है, हम तो केवल निमित्त मात्र हैं।”_ इसी भाव के साथ सेवा दल ने अस्पताल परिसर में जीरा, ऑरेंज और लीची फ्लेवर की ठंडी-ठंडी 'जीरा सिप जूस' की बोतलें वितरित कीं। गर्मी के मौसम में इस सेवा से अस्पताल में मौजूद लोगों को बड़ी राहत मिली। मरीजों के परिजनों ने कहा कि ऐसी सेवा न केवल शारीरिक राहत देती है, बल्कि मानसिक संबल भी प्रदान करती है। तपती दोपहरी में ठंडा जूस मिलना किसी वरदान से कम नहीं था। सेवा दल ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पेय पदार्थ वितरित करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है। "जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है"_ और इसी सोच के साथ वे निरंतर समाजहित में कार्य कर रहे हैं।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में किशन सोनी, मालचंद, रामकरण, रामस्वरूप, दिनेश, प्रह्लाद, अजय, नीरज और कुशाजरा सहित सभी साथियों ने तन-मन-धन से सहयोग प्रदान किया। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे सेवा कार्य जारी रखे जाएंगे। अंत में सेवा दल ने संदेश दिया कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए।