बीकानेर: पीबीएम अस्पताल में मरीजों की बेकद्री सहित अनेक अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस की ओर से किये गए आन्दोलन के पहले चरण में गुरूवार को चिकित्सा मंत्री के आगमन पर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके तहत मेडिकल कॉलेज के सामने प्रदर्शन के दौरान पुलिस व कांग्रेसी आमने सामने हो गये। कांग्रेसजन चिकित्सा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने आन्दोलन कर रहे कुछ कांग्रेसजनों को गिरफ्तार भी किया है। बता दें कि पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर गुरुवार को शुरू हुए कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने को पुलिस ने शुरुआती चरण में ही समाप्त करवा दिया। धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया। कांग्रेस देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में पीबीएम अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था। धरने में शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, एनएसयूआई के अध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भंवर कूकणा, शलीना खान, धनसुख आचार्य सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि इसी दिन चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का भी पीबीएम अस्पताल दौरा प्रस्तावित है, जहां वे अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक लेने वाले हैं। मंत्री के आगमन से पहले हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस ने कुछ दिन पहले ही पीबीएम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो 11 जून से अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इसी घोषणा के तहत गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू किया था। हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस वाहन में सवार कांग्रेस देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि कांग्रेस पुलिस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाएं और भ्रष्टाचार चरम पर हैं तथा इनके खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सियाग ने कहा कि पीबीएम में फैली अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार को खत्म कराने के लिए कांग्रेस फिर से धरना देगी और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। इस घटनाक्रम के बाद पीबीएम अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई।
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